🌟 Short Story — “जो अलग है, वही आगे है”
एक स्कूल में एक लड़का था—आदित्य।
बाकी बच्चे cricket, football, video games में busy रहते थे।
लेकिन आदित्य?
वो अकेला बैठकर machines के छोटे–छोटे parts जोड़कर कुछ न कुछ बनाता रहता था।
Classmates उसे चिढ़ाते—
“तू तो weird है…”
"तू हमारे जैसा नहीं है…”
आदित्य चुप रहता, पर उसके मन में हमेशा एक ही thought आता कि
“No one likes me.”
एक दिन स्कूल का Science Fair हुआ।
सबने अपने projects लाए—volcano model, solar system, posters… typical projects।
लेकिन आदित्य चुपचाप एक box लेकर आया।
जब उसकी बारी आई तो उसने switch on किया—
और उस box से एक छोटी सी machine बाहर आई जो अपने-आप चलती थी, घूमती थी, छोटी–छोटी चीज़ों को उठाकर दूसरी जगह रख देती थी।
Teachers हैरान।
Students stunned।
Principal ने कहा—
“ये future की सोच है।”
पूरे school में उसी project ने पहला prize जीता।
Photographs अख़बारों में छपीं।
Principal ने घोषणा की—
“Aditya is selected for National Science Exhibition.”
उस दिन जब आदित्य घर लौटा, उसने mirror में खुद को देखा और मुस्कुराया।
अब उसके मन में एक नया thought था—
❌ “No one likes me.”
✔️ “No one is like me.”
और उसने समझ लिया:
👉 जो भीड़ जैसा बनता है, वो भीड़ में खो जाता है।
👉 जो अलग बनता है, उसी को दुनिया याद रखती है।
Aditya की uniqueness ही उसकी identity थी…
और अब उसका confidence उसकी ताकत बन चुका था।
कभी खुद को कम मत समझो—Often the world laughs before it applauds.✨
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